
चित्र: सुरभि सेवा, हिंदी पाठक संस्करण का आवरण
खिल्लारी गोवंश
सातारा, सोलापुर, सांगली, महाराष्ट्र
खिल्लारी महाराष्ट्र के सातारा, सोलापुर और सांगली की भारवाहक नस्ल है, दक्कन का तेज़ बैल। पहचान: लंबे नुकीले सींग, धूसर-सफेद रंग और सुगठित शरीर।
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| नस्ल | खिल्लारी |
|---|---|
| क्षेत्र | सातारा, सोलापुर, सांगली, महाराष्ट्र |
| प्रकार | भारवाहक |
| मूल स्रोत | बॉम्बे प्रेसीडेंसी के भारतीय गोवंश |
| लेखक | के. ह्यूलेट |
| प्रकाशन वर्ष | 1912 |
| संस्करण | हिंदी पाठक संस्करण |
| पुस्तिका पृष्ठ | 11 |
संक्षिप्त परिचय
दक्कन का तेज़ बैल। लंबे नुकीले सींग, धूसर-सफेद रंग, सुगठित शरीर। सूखे में भी काम करने वाला।
यह पृष्ठ संक्षिप्त परिचय है। पहचान, रंग, आकार, चारा और उपयोग का पूरा विवरण, मूल पुस्तक के पृष्ठ-संदर्भ सहित, हिंदी पाठक संस्करण में है।
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स्रोत एवं संदर्भ
मूल स्रोत:
Breeds of Indian Cattle, Bombay Presidency, K. Hewlett, M.R.C.V.S., 1912। पुस्तकालय में पढ़ें
आवश्यक सूचना
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