
माँ है
माँ है, शब्दों से नहीं,
आँखों से बोलती है।
इसके सीने पर अपना कान लगाओ तो सही।।
हर धड़कन में दुलार है,
कुछ देर तुम भी इससे बतलाओ तो सही।।
तुम्हारे हर दर्द को अपने में समेट लेगी,
बस माँ कहकर इससे लिपट जाओ तो सही।।
मूल प्रकाशन: surbhi-sewa.blogspot.com