सुरभि सेवा
बागरी

चित्र: सुरभि सेवा, हिंदी पाठक संस्करण का आवरण

भारतीय गोवंश

बागरी गोवंश

बीकानेर और नागौर का सीमावर्ती क्षेत्र, राजपूताना

बागरी 1911 की राजपूताना रिपोर्ट का ऐतिहासिक नस्ल नाम है, बीकानेर और नागौर के सीमावर्ती क्षेत्र की द्विकाजी (दूध और काम दोनों) नस्ल। पहचान: हल्का रंग, मध्यम कद और सूखे में टिकने की ताकत।

हिंदी पाठक संस्करण पढ़ें 1.4 MBPDF डाउनलोड करें 10.3 MB

नस्लबागरी
क्षेत्रबीकानेर और नागौर का सीमावर्ती क्षेत्र, राजपूताना
प्रकारद्विकाजी
मूल स्रोतराजपूताना के स्वदेशी गोवंश
लेखकमेजर एफ. एस. एच. बाल्ड्रे
प्रकाशन वर्ष1911
संस्करणहिंदी पाठक संस्करण
पुस्तिका पृष्ठ9

संक्षिप्त परिचय

राजपूताना के शुष्क उत्तर की नस्ल। हल्के रंग, मध्यम कद, सूखे में टिकने वाली।

यह पृष्ठ संक्षिप्त परिचय है। पहचान, रंग, आकार, चारा और उपयोग का पूरा विवरण, मूल पुस्तक के पृष्ठ-संदर्भ सहित, हिंदी पाठक संस्करण में है।

पुस्तिका पढ़ें

हिंदी पाठक संस्करण पढ़ें 1.4 MB PDF डाउनलोड करें 10.3 MB

स्रोत एवं संदर्भ

मूल स्रोत:
The Indigenous Breeds of Cattle in Rajputana, Major F. S. H. Baldrey, F.R.C.V.S., D.V.H., I.C.V.D., 1911। पुस्तकालय में पढ़ें

आवश्यक सूचना

इस मंच पर प्रस्तुत हिंदी अनुवाद और सरल पाठक संस्करण कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की सहायता से तैयार किए जाते हैं। मूल तथ्यों, संदर्भों और लेखक के आशय को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाता है। फिर भी अनुवाद या व्याख्या में त्रुटि संभव है। किसी अंतर की स्थिति में मूल स्रोत को ही प्रामाणिक माना जाए।