सुरभि सेवा
The Indigenous Breeds of Cattle in Rajputana

पुस्तकालय

राजपूताना के स्वदेशी गोवंश

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लेखकमेजर एफ. एस. एच. बाल्ड्रे
प्रकाशन वर्ष1911
प्रकाशकसरकारी मुद्रण अधीक्षक, भारत
प्रकाशन स्थानकलकत्ता
संस्करणमूल अंग्रेज़ी संस्करण
PDF में पृष्ठ60
विषयछायाचित्र, माप और प्लेटें

संक्षिप्त परिचय

1911 में प्रकाशित यह ऐतिहासिक पुस्तक तत्कालीन राजपूताना की देशी गोवंश नस्लों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करती है। इसमें नागौरी, राठ, मेवाती, बागरी और रिंडा सहित विभिन्न क्षेत्रीय नस्लों की पहचान, शारीरिक विशेषताएँ, माप, उपयोगिता और उनके प्रजनन क्षेत्रों की जानकारी दी गई है। पुस्तक में स्थानीय पशुपालन परिस्थितियों, चरागाह, चारे, नस्ल-सुधार और पशु प्रजनन से संबंधित ऐतिहासिक विवरण भी फोटोग्राफ एवं प्लेटों सहित प्रस्तुत किए गए हैं। राजपूताना के गोवंश और उसकी पारंपरिक पशुपालन व्यवस्था के अध्ययन के लिए यह एक महत्त्वपूर्ण मूल स्रोत है।

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स्रोत एवं संदर्भ

मूल ग्रंथ का संदर्भ:
Baldrey, F. S. H. (1911). The Indigenous Breeds of Cattle in Rajputana. Calcutta: Superintendent Government Printing, India.

PDF प्राप्ति स्रोत: Rare Book Society of India

आवश्यक सूचना

यह पुस्तक अपने मूल अंग्रेज़ी स्वरूप में प्रस्तुत की गई है। सुरभि सेवा ने इसकी मूल विषयवस्तु में कोई परिवर्तन नहीं किया है और इसके कॉपीराइट अथवा स्वामित्व का कोई दावा नहीं करती। पुस्तक में प्रयुक्त भाषा, विचार और विवरण उसके मूल प्रकाशन काल से संबंधित हैं।